जयपुर। राजस्थान सरकार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक राज्य के 309 शहरों में शहरी सेवा शिविर आयोजित करेगी। इन शिविरों में नागरिकों को पट्टा वितरण, कॉलोनी नियमन तथा विभिन्न शहरी सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस बार सरकार ने 12 प्रकार की विशेष रियायतों की घोषणा की है। छोटे भूखंडों और दुकानों को अधिक छूट दी जाएगी, जबकि उच्च आय वर्ग को इन रियायतों का लाभ नहीं मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत 100 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 50 प्रतिशत, 200 वर्गमीटर तक 40 प्रतिशत तथा 500 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत शुल्क छूट प्रदान की जाएगी।
वर्ष 2013 से पहले बसी कॉलोनियों का नियमन आवासीय अथवा DLC दर (जो अधिक हो) के 2.5 प्रतिशत शुल्क पर किया जाएगा। हालांकि 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़क वाली कॉलोनियों के मामलों का निस्तारण शिविरों में नहीं किया जाएगा।
कॉलोनी नियमन के लिए नई शर्तें भी लागू की गई हैं। 31 दिसंबर 2021 से पहले बसी कॉलोनियों में Urban-1 क्षेत्र में 60 प्रतिशत तथा Urban-2 क्षेत्र में 10 प्रतिशत निर्माण होने पर नियमन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
पुरानी आबादी के भूखंडों के लिए रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। 200 वर्गमीटर तक के भूखंडों का पट्टा 100 रुपये प्रति वर्गमीटर, 500 वर्गमीटर तक 120 रुपये तथा इससे बड़े भूखंडों का पट्टा 200 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जारी किया जाएगा।
इसके अलावा 40 वर्गगज तक की स्वतंत्र किराए की दुकानों का भी नियमन किया जाएगा। यह सुविधा केवल 1991 से पहले किराए पर दी गई दुकानों पर लागू होगी। संबंधित दुकानदारों को बकाया किराया 15 प्रतिशत ब्याज सहित जमा कराना होगा।