मार्कशीट में नाम और जन्मतिथि सुधार के नियमों में बड़ा बदलाव

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने विद्यार्थियों की मार्कशीट एवं प्रमाण-पत्रों में नाम, उपनाम (Surname), माता-पिता के नाम तथा जन्मतिथि में संशोधन से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

बोर्ड सचिव द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक वर्ष बाद किसी भी प्रकार के संशोधन हेतु आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने इस विषय से जुड़े पुराने नियमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

नए नियमों की मुख्य बातें

  • परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद केवल एक वर्ष तक ही संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
  • विद्यार्थी के नाम, उपनाम, स्पेलिंग की त्रुटि अथवा माता-पिता के नाम में सुधार के लिए स्कूल रिकॉर्ड (एसआर रजिस्टर) और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) को मुख्य आधार माना जाएगा।
  • सुधार की अनुमति देने से पहले आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र तथा मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
  • सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही बोर्ड द्वारा संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
महत्वपूर्ण: अब विद्यार्थियों को मार्कशीट या प्रमाण-पत्र में किसी भी त्रुटि को जल्द से जल्द ठीक करवाना होगा, क्योंकि परिणाम घोषित होने के एक वर्ष बाद संशोधन का अवसर नहीं मिलेगा।

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शहरी सेवा शिविर 2026
12 जून से 309 शहरों में फिर लगेंगे शहरी सेवा शिविर, छोटे भूखंडों को बड़ी राहत
15 जुलाई तक चलेंगे विशेष शिविर, 12 प्रकार की रियायतें; मध्यम और कमजोर वर्ग को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

जयपुर। राजस्थान सरकार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक राज्य के 309 शहरों में शहरी सेवा शिविर आयोजित करेगी। इन शिविरों में नागरिकों को पट्टा वितरण, कॉलोनी नियमन तथा विभिन्न शहरी सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इस बार सरकार ने 12 प्रकार की विशेष रियायतों की घोषणा की है। छोटे भूखंडों और दुकानों को अधिक छूट दी जाएगी, जबकि उच्च आय वर्ग को इन रियायतों का लाभ नहीं मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत 100 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 50 प्रतिशत, 200 वर्गमीटर तक 40 प्रतिशत तथा 500 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत शुल्क छूट प्रदान की जाएगी।

वर्ष 2013 से पहले बसी कॉलोनियों का नियमन आवासीय अथवा DLC दर (जो अधिक हो) के 2.5 प्रतिशत शुल्क पर किया जाएगा। हालांकि 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़क वाली कॉलोनियों के मामलों का निस्तारण शिविरों में नहीं किया जाएगा।

कॉलोनी नियमन के लिए नई शर्तें भी लागू की गई हैं। 31 दिसंबर 2021 से पहले बसी कॉलोनियों में Urban-1 क्षेत्र में 60 प्रतिशत तथा Urban-2 क्षेत्र में 10 प्रतिशत निर्माण होने पर नियमन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

पुरानी आबादी के भूखंडों के लिए रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। 200 वर्गमीटर तक के भूखंडों का पट्टा 100 रुपये प्रति वर्गमीटर, 500 वर्गमीटर तक 120 रुपये तथा इससे बड़े भूखंडों का पट्टा 200 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जारी किया जाएगा।

इसके अलावा 40 वर्गगज तक की स्वतंत्र किराए की दुकानों का भी नियमन किया जाएगा। यह सुविधा केवल 1991 से पहले किराए पर दी गई दुकानों पर लागू होगी। संबंधित दुकानदारों को बकाया किराया 15 प्रतिशत ब्याज सहित जमा कराना होगा।

मुख्य बिंदु

  • शिविर अवधि: 12 जून से 15 जुलाई 2026
  • कुल शहर: 309
  • 12 प्रकार की विशेष रियायतें
  • 100 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 50% छूट
  • 2013 से पहले बसी कॉलोनियों को विशेष लाभ
  • 40 वर्गगज तक की किराए की दुकानों का नियमन
  • कमजोर एवं मध्यम आय वर्ग को प्राथमिकता

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